31 अगस्त, 2025। विश्व की सबसे बड़ी जिंक उत्पादक कंपनियों में शामिल हिन्दुस्तान जिंक पोषण और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभा रही है। राजस्थान में कंपनी की इन पहलों से अब तक 3.7 लाख से ज्यादा महिलाएं और बच्चे लाभान्वित हो चुके हैं। कम्पनी प्रदेश में करीब 2,000 नंद घरों के माध्यम से बच्चों को शुरुआती पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध करा रही है।
नंद घर: ग्रामीण बच्चों के लिए सशक्त मंच
हिन्दुस्तान जिंक ने आंगनवाड़ियों को आधुनिक रूप देकर नंद घर के रूप में विकसित किया है। इन केंद्रों में पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं के साथ महिला सशक्तिकरण और कौशल विकास के अवसर भी उपलब्ध हैं। हर नंद घर में डिजिटल लर्निंग टूल, सौर ऊर्जा, स्वच्छ पेयजल और हेल्थ सुविधाएं मौजूद हैं। कंपनी के संचालन क्षेत्रों में 2 हजार से अधिक नंद घर ग्रामीण बच्चों, माताओं और महिलाओं को सशक्त बना रहे हैं।
मोबाइल हेल्थ वैन से स्वास्थ्य जागरूकता
पोषण माह 2025 के दौरान, हिन्दुस्तान जिंक ने चार मोबाइल हेल्थ वैन के माध्यम से 110 गाँवों में स्तनपान, कुपोषण, एनीमिया और संतुलित आहार पर लोगों को जागरूक किया। ये वैन आंगनवाड़ी, स्कूल और सामुदायिक केंद्रों तक पहुंचकर हेल्दी थाली मॉडल और स्थानीय पोषण के सरल तरीकों को समझाने का काम कर रही हैं।
वेदांता जिंक सिटी हाफ मैराथन: फिटनेस के साथ सामाजिक संदेश
फिटनेस और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए, कंपनी वेदांता जिंक सिटी हाफ मैराथन का आयोजन भी करती है। पहली मैराथन में दुनियाभर से 5 हजार से अधिक धावकों ने हिस्सा लिया। इसमें दिव्यांग बच्चों के लिए ‘रेस विद चैंपियंस’ और ‘रन फॉर जीरो हंगर’ अभियान जैसे सामाजिक उद्देश्य भी जुड़े। आगामी 21 सितंबर को होने वाली दूसरी मैराथन का उद्देश्य भी फिटनेस, पोषण और कुपोषण मुक्त समाज का संदेश फैलाना है।
समाज में व्यापक बदलाव
हिन्दुस्तान जिंक की ये पहल सिर्फ पोषण और बच्चों की देखभाल तक सीमित नहीं है। कंपनी महिला सशक्तिकरण, आजीविका, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और कौशल विकास के क्षेत्रों में भी काम कर रही है। वर्ष 2025 तक, कंपनी की पहलों से 2,300 से ज्यादा गाँवों में 23 लाख लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। हिन्दुस्तान जिंक भारत की शीर्ष 10 सीएसआर निवेशक कंपनियों में शामिल है, जिससे यह स्पष्ट है कि उद्योग बड़े स्तर पर समावेशी और सतत विकास ला सकते हैं।
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