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HRA टैक्स छूट 2025: जानिए नई और पुरानी टैक्स व्यवस्था में कैसे होता है कैलकुलेशन, किन दस्तावेजों की होती है जरूरत

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अगर आप एक सैलरीड कर्मचारी हैं और ITR भरने की तैयारी कर रहे हैं, तो आपके मन में यह सवाल जरूर आया होगा कि HRA (हाउस रेंट अलाउंस) पर टैक्स छूट मिलती है या नहीं। HRA आपकी सैलरी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है जो किराए के खर्चों में मदद करता है, और साथ ही इनकम टैक्स बचाने का एक बेहतरीन तरीका भी हो सकता है।

आइए जानते हैं कि HRA टैक्स छूट का नियम क्या है, नई और पुरानी टैक्स व्यवस्था में क्या अंतर है, कैसे होता है इसका कैलकुलेशन, और किन दस्तावेजों की जरूरत होती है

🏡 HRA क्या होता है?

HRA यानी हाउस रेंट अलाउंस वो राशि होती है जो नियोक्ता अपने कर्मचारी को किराए के मकान में रहने के लिए देता है। इसका बड़ा फायदा यह है कि यह आपकी टैक्सेबल इनकम को कम कर सकता है, बशर्ते आप कुछ जरूरी शर्तों को पूरा करें।

🆕 नई टैक्स व्यवस्था में HRA का क्या होता है?

नई टैक्स व्यवस्था यानी सेक्शन 115BAC के तहत HRA पर कोई भी टैक्स छूट नहीं मिलती है। इसके अलावा, नई व्यवस्था में निम्नलिखित छूटें भी नहीं मिलतीं:

  • लीव ट्रैवल कंसेशन (LTC)
  • बच्चों की शिक्षा या हॉस्टल भत्ता
  • होम लोन पर ब्याज छूट
  • पेंशन डिडक्शन
  • सेक्शन 80C, 80D इत्यादि (सिर्फ 80CCD(2) को छोड़कर)

इसलिए, अगर आपने नई टैक्स व्यवस्था को चुना है, तो आप HRA पर कोई टैक्स राहत नहीं पा सकेंगे।

🧾 पुरानी टैक्स व्यवस्था में HRA छूट कैसे मिलती है?

पुरानी टैक्स व्यवस्था में HRA पर टैक्स छूट का लाभ पूरी तरह से उपलब्ध है। यहां तक कि अगर आप होम लोन की EMI भी भर रहे हैं और साथ ही ऑफिस के पास किराए पर रह रहे हैं, तो आप दोनों पर टैक्स छूट ले सकते हैं।

📊 HRA छूट का कैलकुलेशन कैसे होता है?

नियम के अनुसार, नीचे दिए गए तीनों में से जो भी राशि सबसे कम होगी, वही टैक्स से छूट प्राप्त करेगी:

  • नियोक्ता से प्राप्त HRA
  • मेट्रो शहर में बेसिक सैलरी का 50% या नॉन-मेट्रो में 40%
  • कुल किराया – बेसिक सैलरी का 10%
  • उदाहरण:

    • HRA मिला: ₹3,20,000
    • कुल किराया: ₹3,60,000
    • बेसिक सैलरी: ₹8,00,000
    • शहर: मेट्रो

    कैलकुलेशन:

    • बेसिक सैलरी का 50% = ₹4,00,000
    • किराया – 10% बेसिक = ₹3,60,000 - ₹80,000 = ₹2,80,000
    • वास्तविक HRA = ₹3,20,000

    तो ₹2,80,000 टैक्स फ्री होगा, जबकि ₹40,000 पर टैक्स लगेगा।

    📑 HRA क्लेम करने के लिए जरूरी दस्तावेज
    • रेंट एग्रीमेंट
    • किराए की रसीदें
    • अगर वार्षिक किराया ₹1 लाख से अधिक है, तो मकान मालिक का PAN
    • किराया भुगतान का सबूत (खासतौर पर अगर मकान मालिक रिश्तेदार है)
    • अगर मासिक किराया ₹50,000 से ज्यादा है, तो TDS का रिकॉर्ड
    ✅ निष्कर्ष
    • नई टैक्स व्यवस्था में HRA पर कोई छूट नहीं मिलती
    • पुरानी व्यवस्था में अच्छा टैक्स बेनिफिट मिलता है
    • छूट पाने के लिए सभी दस्तावेजों का होना जरूरी है
    • ITR भरने से पहले अपनी टैक्स योजना अच्छी तरह समझें

    अगर आप चाहें, तो मैं इस पर आधारित HRA टैक्स कैलकुलेटर टूल या इंटरएक्टिव इन्फोग्राफिक भी बना सकता हूँ। बताइए, आपको किस फॉर्मेट में और जानकारी चाहिए?

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