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ट्रंप के लिए खतरे की घंटी...पीएम मोदी ने जापान के साथ कर दी 13 धांसू डील; जानिए भारत को क्या-क्या मिला

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कीजापान यात्रा के बाद से अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नींद उड़ने वाली है। दरअसल, पीएम मोदी ने जापान के साथ 13 बड़ी डील कर ली है जो कि अमेरिका के लिए बड़ा झटका हो सकता है। अमेरिका अपने टैरिफ लगाने के फैसले पर पछता सकता है। वहीं, आज पीएम मोदी चीन भी पहुंच गए हैं और प्रधानमंत्री की इस यात्रा पर सबसे अधिक किसी देश की नजर है तो वह है अमेरिका। तो चलिए समझते हैं पीएम मोदी की जापान यात्रा से भारत को क्या फायदा हुआ...



  • भारत-जापान के बीच चंद्रयान-5 मिशन को लेकर एक अहम समझौते पर हस्ताक्षर हुआ है।
  • भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (JAXA) का जॉइंट ऑपरेशन होगा
  • जापान भारत के बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में मदद करने का भरोसा दिया
  • जापाने के पीएम शिगेरु इशिबा ने भारत में अगले 10 सालों में करीब 6 लाख करोड़ रुपए निवेश करने की बात कही है।
  • छोटे माध्यम के लिए उद्यमों और स्टार्टअप्स को जोड़ने पर विशेष फोकस होगा।
  • सुरक्षा, तकनीक, नवाचार, स्वास्थ्य, सतत विकास, मोबिलिटी और आपसी आदान-प्रदान पर जोर दिया गया है।
  • इसके अलावा भारत और जापान के बीच रक्षा, मानव संसाधन आदान-प्रदान, डिजिटल नवाचार, क्रिटिकल मिनरल्स, क्लीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण समझौते (MoUs) हुए
  • दोनों देशों के बीच आपसी कामगारों को एक दूसरे के यहां आसानी से आने जाने व काम करने का मौका देने पर समझौता
  • जापान में आईटी सेक्टर में प्रशिक्षित भारतीय पेशेवरों को खास महत्व दिया जाएगा
  • विज्ञान के भारतीय छात्रों व छात्राओं को जापान खास तौर पर प्रोत्साहित करेगा।
  • भारत-जापान ने अगले दशक के लिए एक रोडमैप बनाया


ट्रंप की नजर अब चीन और भारत की बैठक पर रहेगीपीएम मोदी की इस डील से अमेरिका को यह डर जरूर होगा कहीं भारत अब चीन के साथ इससे भी बड़ी डील न कर दे। इसलिए अब अमेरिकी राष्ट्रपति की नजर भारत और चीन के बीच समझौते पर होगी। अगर, यहां चीन भारत का साथ दे देता है तो अमेरिका और ट्रंप के लिए दोहरा झटका माना जाएगा। अंत में ट्रंप को अपने 50 फीसदी टैरिफ पर झुकना भी पड़ सकता है।




पीएम मोदी चीन पहुंचे

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सात वर्षों के बाद पहली बार शनिवार को चीन पहुंचे, जहां वह महत्वपूर्ण एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। उम्मीद है कि इस बार चीन के साथ भारत के संबंध और भी अधिक मजबूत होंगे। बता दें कि अमेरिका और चीन में हमेशा से टकराव बना रहता है, इसलिए उम्मीद है कि भारत को इसका फायदा मिले।
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